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Everest Movie Story in Hindi | Hollywood Movies Story in Hindi

Everest Movie Story in Hindi: Filmy Diwana आज आपके लिए Everest Movie Story in Hindi लेकर आया है. Everest फिल्म की कहानी सच्ची घटना पर आधारित है. इस फिल्म में रोब हॉल की कहानी को दिखाया गया है. जिसने एवरेस्ट की सैर को एक बिज़नस बना लिया था. उसने लगातार 4 सालो में 19 लोगों को बिना किसी भी हादसे के एवेरेस्ट पर लेकर गया था. यह बात है सन 1996 की जब रोब हॉल एक और टीम को एवेरेस्ट ले जाने के लिए तैयारी करता है. उसे जाने से पहले उसकी पत्नी उसे कहती है की तुम जल्दी लौटकर आना क्योंकि वह प्रेग्नेंट होती है. तब रॉब कहता है की मुझे वापस आने से कोई भी नहीं रोक सकता है और एवेरेस्ट पर जाने के लिए निकलता है. 30 मार्च 1996 के दिन जब बहुत सारे यात्री काठमांडू पहुचते है. रोब हॉल की कंपनी का नाम एडवेंचर कंसल्टेंट होता है . अब उनके साथ 13 लोग होते है जिनका सफ़र 40 दिनों का होता है और इन्हें 10 जून की दोपहर तक एवेरेस्ट की शिखर तक पहुचना होता है.

अब काठमांडू से पूरी टीम एक हेलिकॉप्टर के द्वारा 9383 फीट की उचाई पर लुक्ला पर पहुचते है. जिसके बाद इन सभी को आगे जाने के लिए पैदल ही जाना होगा. 17600 फीट की उचाई पर यह सभी अपने बेस कैंप तक पहुच जाते है. यहापर दुनियाभर से लोग आये हुए होते है जो अलग अलग कंपनी के साथ आये हुए है और इन सभी को एवेरेस्ट पर चढ़ना है. 23 अप्रैल को यह पूरी टीम 21300 फीट की उचाई तक पहुच जाती है लेकिन यहापर ऑक्सीजन बहुत कम होती है. यहापर एक कैंप होता है और यहापर सभी ऑक्सीजन लेते है. हर एक कंपनी का अपना अलग अलग कैंप होता है जहापर इनके आये हुए यात्री आराम कर सके. लेकिन इसके आगे का सफ़र खरनाक होने वाला है क्योंकि आगे जितना जाते रहेंगे उतनाही ऑक्सीजन कम होता रहेंगा.

Everest Movie Full Explained

एवेरेस्ट के शिखर तक पहुचने के लिए इन सभी को अब बिलकुल सीधी चढ़ाई करनी होगी जो बेहद खतरनाक भी है. यहापर बादल भी छाए हुए होते है और सभी कंपनी ने ऊपर चढने के लिए रस्सियाँ भी लगायी होती है. जिसकी मदद से यह यात्री रस्सी को पकड़कर ऊपर चढ़ सके. इन यात्रियों को पहाड़ चढने में बहुत परेशानी होने लगती है. क्योंकि ऑक्सीजन की बहुत कमी होने लगती है. लेकिन फिर भी यह सभी आगे बढ़ते रहते है और 24000 फीट ऊपर पहाड़ पर चढ़ जाते है. अब हेलेन विल्टन जो की रोब हॉल के लिए काम करती है वह उसे बताती है की मौसम बहुत तेजी से बदल रहा है और मौसम ने अपनी दिशा बदल दी है. अगर यह उत्तर की तरफ नहीं गया तो 11 तारीख को बहुत ज्यादा बरबादी होने की संभावना है. लेकिन रोब हॉल कहता है की यहापर कोई मौसम नहीं होता और पहाड़ अपना रास्ता खुद बनाते है.

जिसके बाद यह सभी अपने टीम के साथ इस पहाड़ की खड़ी चढ़ाई को चढ़ना शुरू कर देते है. यहापर हवा बहुत जोरो से बहती है और सभी को चढ़ाई करने में परेशानी होने लगाती है. फिर भी सभी अपनी चढ़ाई को जरी रखते है क्योंकि सबको एवेरेस्ट के शिखर तक पहुचना है. इस तरह से चढ़ाई करते हुए यह सभी 26085 फीट ऊपर पहाड़ पर आ जाते है. यहापर आकर इन्हें अहसास होता है की मौसम बहुत ज्यादा ख़राब होता जा रहा है और यह सोच लेते है की अब आगे की चढ़ाई नहीं करेंगे. लेकिन 10 मई को मौसन एकदम अच्छा हो जाता है सब तूफान अचानक ख़त्म हो जाते है. यह सभी रात को 12.30 बजे ऊपर चढने का फैसला करते है. क्योंकि यहासे शिखर तक पहुचने का रास्ता 12 घंटे का होता है. आगे बढ़ते हुए यह सभी लोग 27600 KM ऊपर पहुच जाते है. यह सुबह का वक़्त होता है 4.29 am. लेकिन इनकी टीम में एक मेम्बर होता है जिसका नाम बैग है उसे अचानक धुन्दला दिखने लगता है. क्योंकि उसकी आखों की कुछ ही साल पहले ओप्रशन हुआ था. रोब हॉल उसे कहता है की हम सभी आगे बढ़ रहे है अगर तुम्हे ठीक लगे तो तुम आगे बढ़ने लगना नही तो तुम्हारा सफ़र तुम्हे यहिपर ख़त्म करना होंगा.

Everest Explained Movie Explain in Hindi

रोब हॉल बाकि लोगों के साथ आगे बढ़ने लगता है. आगे जाकर यह देखते है की आगे रस्सियाँ नहीं होती है. इसलिए यह सभी रस्सियाँ बांधना शुरू कर देते है. क्योंकि बिना रस्सी के कोईभी आगे नहीं जा सकता है. जिसकी वजह से तिन लोग वापस लौटने का फैसला कर लेते है. क्योंकि यहापर हवाए बहुत ही ठंडी होती है ऑक्सीजन भी ख़त्म हो जाता है. इस एवेरेस्ट की पहाड़ पर बहुत गहरी दादरे भी होती है. इस दरारों में गिरकर अभीतक 19 लोगों की जान भी जा चुकी है. इसलिए रस्सियाँ बांधना बहुत जरुरी होता है. अब इनकी टीम 28740 फीट की उचाई पर होती है. उस उचाई पर इन लोगों को हैपोथैमिया हो जाता है. जो अक्सर ऑक्सीजन की कमी से होता है. जिसकी वजह से शरीर को बहुत गर्मी लगने लगाती है, जुबान लड़खड़ाती है और बहुत बार गुस्सा भी आने लगता है.

जैसे जैसे सभी आगे बढ़ाते है इनको तकलीफ होने लगती है जिसकी वजह से इनकी मौत भी हो सकती है. यह सभी रस्सियाँ लगाकर आगे की चढ़ाई करते है. सभी लोग इस दौरान बहुत थक जाते है और एकदम बेजान होने लगते है. लेकिन इन सभी मुश्किलों का सामना करके यह सभी एवरेस्ट की चोटी तक पहुच जाते है. अब यह सब मिलकर बहुत खुश हो जाते है क्योंकि इन सभी का सपना पूरा हो चूका है. बाद में यह सभी लोग वापस लौटने का फैसला करते है. इनके प्लान के मुताबिक इन्हें 2 बजे तक वापस लौटना था लेकिन यह लेट हो जाते है. यहापर बादल आना शुरू हो जाते है और इन सभी का ऑक्सीजन ख़त्म हो चूका है.

Hollywood Movie Everest Story in Hindi

यह सभी वापस लौटना शुरू कर देते है तब उन्हें एक आदमी मिलता है जो ऊपर जा रहा होता है तब रोब हॉल उसे मना करता है. लेकिन वह आदमी उसकी नहीं सुनता है. तब रोब हॉल उसे ऊपर लेकर जाता है. जिसके बाद यह दोनों निचे उतरना शुरू करते है लेकिन उस आदमी की तबियत ख़राब हो जाती है. जिसकी वजह से वह बेहोश होने लगता है जिसकी वजह से रोब हॉल और वह आदमी दोनों भी यहापर फंस जाते है. उसकी टीम रोब हॉल को वापस आने के लिए कहती है लेकिन रोब हॉल उन्हें मना कर देता है. क्योंकी यह एक इन्सान की जिंदगी का सवाल होता है. रोब हॉल उस आदमी को निचे उतारने की कोशिश करता है. लेकिन तभी वहापर जोरो से तूफ़ान आने लगते है. रोब हॉल उस आदमी को एक जगह छोड़ कर ऑक्सीजन लेने के लिए जा रहा होता है. लेकिन वह आदमी उसके पीछे आने लगता है. क्योंकि उसका दिमाग पूरी तरह से सुन्न हो चुका है. यह बात रॉब को पता नहीं होती है और वह आदमी खाई में गिर जाता है जिसकी वजह से उसकी मौत हो जाती है.

रॉब भी बहुत थका हुआ होता है तभी वहापर रॉब का साथी आता है जिसके पास ऑक्सीजन का आधा सिलेंडर होता है और वह रॉब को ऑक्सीजन देता है. जिसके बाद यह दोनों तूफान में निचे उतरना शुरू कर देते है. यहापर अब 13 लोग है जो इस तूफान में फँसे हुए है. रात के 3 बज जाते है तभी इन्हें कैंप से बताया जाता है की उनकी मदद के लिए टीम को भेजा जा रहा है लेकिन तूफान के रुकने तक यह टीम उन सभी तक पहुच पाएंगी. तब तक इस तूफ़ान और ऑक्सीजन की कमी की वजह से इन सभी 13 लोगों की हालत ख़राब हो रही होती है. इस तरह सुबह के 5 बज जाते है और यह दिन 11 मै होता है. रॉब के एक साथी का दिमाग काम करना बंद हो जाता है और वह अपनी जैकेट को उतार देता है और कहता है की उसे बहुत गर्मी हो रही है और तभी वह पहाड़ से निचे स्लाइड कर देता है.

Everest Hollywood Top Movies Story in Hindi

रॉब अपने कैंप कांटेक्ट करता है और बताता है की वह बिलकुल भी हिल नहीं सकता है क्योंकि उसके हाथ पैर ठण्ड की वजह से जम चुके होते है. वह कहता है की मुझे मदद की जरुरत है और उसका साथी मर चूका है. तब कैंप द्वारा बताया जाता है की उसे किसी भी तरह निचे आना ही होंगा. इसी दौरान इनका कनेक्शन टूट जाता है. कैंप में सभी एक दुसरे से बात करते है और कहते है की रॉब की वाईफ को फ़ोन लगाओ और सेटरलाईट से कनेक्ट करो. शायद रॉब अपनी वाईफ की आवाज को सुनकर फिरसे एक बार अपनी हिम्मत को जुटा पायेंगा. यह वैसा ही करते है और रॉब की उसके वाइफ से बात कराते है. उसकी वाईफ कहती है की तुम्हे आगे बढ़ते ही रहना होंगा और थोड़ी ही देर में वहापर धुप निकल आयेंगी. लेकिन रॉब की मेरी हालत बहुत ज्यादा ख़राब हो गयी है. रॉब कहता है की मेरे हाथ और पैर जम चुके है तब उसकी वाइफ कहती है की तुम्हे आगे बढ़ना ही होंगा क्योंकि तुम्हारा ब्लड सल्क्युलेषण रुकना नहीं चाहिए.

जिसके बाद रॉब उठने की कोशिश करता है और जो उसे बचाने के लिए गए होते है वह सभी उसके पास नहीं पहुच सकते है. तेज हवाओ की वजह से सभी को वापस लौटना पड़ता है और यह बात रॉब को बताई जाती है. तो रॉब कहता है की मुझे एक और रात यहापर रुकना होंगा. रॉब की वाइफ उसके लिए बहुत परेशांन होती है. वह रॉब क संपर्क करती है और कहती है की तुम्हे वापस आना ही होंगा में तुम्हारा इंतज़ार कर रही हु. रॉब कहता है की मै साराह से नहीं मिल पाउँगा. उसके वाईफ को बेटी होने वाली होती है और पहले से ही रॉब ने उसका नाम साराह रखा था. रॉब की वाईफ कहती है की तुम ऐसा मत कहो तुम बिलकुल हार नहीं मान सकते हो और इनका फोन का कनेक्शन टूट जाता है.

Everest Movie Explain in Hindi/ Urdu

वही दूसरी तरफ बैग होता है जिसे दिखने में परेशानी होती है वह निचे उतरने वाले लोगों के साथ कुछ दुरी तक निचे आया होता है. लेकिन रात के तूफान में सभी लोग वहासे जा चुके होते है और जो भी वहापर रुकते है वह सभी मर जाते है. लेकिन बैग अभी भी जिन्दा होता है. लेकिन उसे भ्रम होना शुरू होता है. जिसकी वजह से उसे अपने बीबी और बच्चे दिखने लगते है और वह पूरी हिम्मत से लडखडाता हुआ आगे बढ़ता है और अपने कैंप तक पहुच जाता है. लेकिन उसकी हालत बहुत ख़राब होती है और उसे मेडिकल हेल्प नहीं मिली तो तब वह मर जायेंगा. जब यह बात बैग के वाईफ को पता चलती है तब उसकी वाइफ कहती है की हेलिकॉप्टर का इंतजाम में करुँगी. उसके बाद वहापर हेलिकॉप्टर आता है और बैग को बचा लिया जाता है.

वही दूसरी तरफ रॉब निचे नहीं आ सकता है और उसकी उसी जगह पर बाकि यात्रियों की तरह मृत्यु हो जाती है. जिसके बाद दिखाया गया है की रॉब की वाइफ बेटी को जम देती है और उसका नाम साराह रखती है जो नाम रॉब ने अपने बेटी के लिए पहले ही सोचा था. इसीके साथ Everest Movie Story in Hindi फिम्ल की कहानी यहिपर ख़त्म हो जाती है.

इस फिल्म को 25 September 2015 को रिलीज़ किया गया था. इस फिल्म का बजट $55,000,000 था और इसने बॉक्स ऑफिस पर $203,427,584 कमाई की है. इस फिल्म की IMDB रेटिंग 7.1 है. तो यह थी Everest Movie Story in Hindi उम्मीद करते है आपको यह स्टोरी पसंद आयी होंगी.

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