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127 Hours Movie Story in Hindi | Hollywood Movies Story in Hindi

127 Hours Movie Story in Hindi: Filmy Diwana आज आपके लिए 127 Hours Movie Story in Hindi लेकर आया है. इस फिल्म की कहानी एक लडके के बारे में है जिसका नाम है. Aron Ralston (एरोन राल्स्टन) यह एक दिन पहड़ोंपर हाईकिंग के लिए जाता है यह जगह पूरी तरह से वीरान होती है और उसे वहापर दो लड़किया दिखती है. यह दोनों लड़किया अपना रास्ता भूल गयी होती है तो एरोन उन्हें मदद करने की कोशिश करता है. एरोन इन दोनों लड़कियों को रास्ता बताता है और इन दोनों के साथ आगे निकलता है. आगे जाकर एरोन उन्हें बताता है की वह एक और रास्ता जानता है और वहापर जाते हुए उन्हें यक़ीनन ज्यादा मजा आयेंगा.

अब यह तीनो उस नए रस्ते से आगे बढ़ने लगते है यह रास्ता बहुत ही छोटा होता है. एरोन वहापर कूद जाता है यह देखकर दोनों लड़किया डर जाती है उन्हें लगता है की एरोन निचे गिर गया है. तभी एरोन निचे से इन दोनों को आवाज देता है और निचे कूदने के लिए कहता है क्योंकि निचे पाणी होता है. यह दोनों लड़कियाँ भी पाणी में कूद जाती है और यह सब करके इन सभी को बहुत ही मजा आता है. थोड़ी देर बाद आगे जाकर एरोन को हाईकिंग के लिए आगे जाना होता है और दोनों लड़कियों को अपने घर जाना होता है. यहापर एरोन इन दोनों लड़कियों के साथ फोटो निकलता है और हाईकिंग के लिए आगे बढ़ने लगता है.

एरोन अब पहाड़ी रास्तो से आगे बढ़ने लगता है जो की बेहद ही खतरनाक होते है. कुछ समय बाद एरोन दो संक्रिय पहाड़ों से निचे उतरने लगता है. इसी दरमियान वहापर एक पत्थर होता है और एरोन उस पत्थर का सहारा लेता है. लेकिन वह पत्थर वह से खिसक जाता है. जिसकी वजह से एरोन निचे गिरता है और वही पत्थर एरोन के हाथ के ऊपर गिरता है. अब एरोन का हाथ दो संक्रिय पहाडि के बिच में उस पत्थर के बिच अटक जाता है. एरोन अपने हाथ को बाहर निकलने की कोशिश करता है. लेकिन उसका हाथ अब बिलकुल नहीं निकल सकता है. जब उसे अहसास होता है की अब वह यहापर फंस चूका है तो वह उन दोनों लड़कियों को आवाज देता है. लेकिन इन वीरान पहाड़ियों में उसकी आवाज कोईभी नहीं सुनाता है. वह बहुत देर तक आवाजे देता है लेकिन उसकी यह कोशिश नाकाम हो जाती है.

Hollywood Top Movies Story in Hindi

एरोन अपनी बैग को खोलता है और हाईकिंग का सभी सामान निकालने लगता है. क्योंकि उसे पता है की यहापर महिनो तक कोईभी इन्सान नहीं आने वाला है और इस सामन में एक छोटासा क्निफ्फ़ होता है. इस क्निफ्फ़ की मदद से वह इस चट्टान को तोड़ने की कोशिश करता है. लेकिन यह एक ठोस चट्टान है जिसे कटना बेहद ही मुश्किल होता है. लेकिन एरोन भी हार नहीं मनाता है और वह अपना हाथ वहासे निकलना चाहता है. इस सभी कोशिश में उसका क्निफ्फ़ भी उसके हाथ से छुट जाता है. बड़ी मुश्किल से वह एक बार फिर उस क्निफ्फ़ को उठा लेता है और फिरसे चट्टान को कटाने की कोशिश करता है. लेकिन वह सफल नहीं होता है और उसके क्निफ्फ़ की धार भी ख़त्म हो जाती है.

थोड़ी ही देर में वहापर रात हो जाती है लेकिन वह अपने हाथ को बहार नहीं निकल पाटा है. अब एरोन को यहापर फंसे हुए 25 घंटे बित जाते है. एरोन अपना कैमरा शुरू करता है और रिकॉर्डिंग करने लगता है. कैमरा में वह बताता है की वह यहापर 25 घंटो से अटका हुआ है और उसके पास खाने पिने का समान बेहद कम है. तभी उसे ऊपर से कुछ आवाज आने लगती है. वह आवाजे देना शुरू करता है लेकिन उसका कोईभी फायदा नहीं होता है. क्योंकि वहापर कोईभी नहीं होता है. एक बार फिरसे वहापर रात हो जाती है. वह अपने बैग से खाने का सामान निकालकर खाने लगता है. तभी उसे याद आता है की उन दोनों लड़कियोने उसे आज रात पार्टी के लिए बुलाया है और वह उस पार्टी के बारे में सोचने लगता है.

एरोन जब अपने घर से हाईकिंग के लिए निकल रहा था तब उसकी माँम का कॉल आया था लेकिन वह फ़ोन नहीं लेता है. उसे लगता है की अगर में घर पर बताकर आता तो शायद उसके घर वाले उसे ढुडते हुए यहापर आ जाते. लेकिन किसी को भी नहीं पता की एरोन कहापर है. तीसरे दिन एरोन रस्सी की एक पुल्ली बनाता है. वह यह पुल्ली उस पत्थर को बंधता है जो उसके हाथ के ऊपर है और दूसरी तरफ से उस पत्थर को उठाने की कोशिश करता है. लेकिन यह पत्थर बिलकुल भी नहीं हिलता है और उसकी कोशिश एक बार फिर नाकाम हो जाती है. तीसरे दिन उसका पिने का पानी भी ख़त्म हो जाता है और वह अपनी पिशाप को बोटल में भर लेता है. इस पहाड़ी में उसे दिनभर में सिर्फ 15 मिनट के लिए धुप मिलती है.

127 Hours Full Movie Story in Hindi

अब एरोन के पास खानेपीने के लिए कुछ भी नहीं है और एरोन तय करता है की वह अपने उस फंसे हुए हाथ को काट देगा ताकि वह वहासे बाहर निकल सके. इसीलिए वह अपने हाथ को ऊपर से बांध लेता है. उसके क्निफ्फ़ की धार बिलकुल ख़त्म हो चुकी है जिसकी वजह से उसका हाथ की स्किन नहीं कटती है. एक बार फिर से रात हो जाती है और वह अपने परिवर और दोस्तों को याद करने लगता है. तबी वहापर जोरोसे बारिश होने लगती है और पाणी इन पहाड़ों से इतना बहाने लगता है की वह डूबने लगता है. अब एरोन उस पत्थर को उठाने लगता है जो उसके हाथ पर है और वह कामियाब हो जाता है. पत्थर से हाथ निकालने के बाद वह वहासे भागने लगता है. वह भागकर अपनी कार में बैठता है और नेशनल पार्क के निकल जाता है. लेकिन उसे थोड़ी देर के बाद यहाँ पता चलता है की यह एक सपना था. दरसल एरोन को भ्रम होने लगता है जिसकी वजह से उसे अजीब अजीब चीजे दिखने लगती है और उसकी सोच उसपर हावी होने लगाती है. क्योंकि वह भूखा प्यासा था जिस वजह से उसे इस तारक के भ्रम होने लगते है.

एरोन को यहापर फंसे हुए पाच दिन हो जाते है जिसकी वजह से वह अजीब हरकते करने लगता है. वह पूरी तरीके से निराश हो जाता है. एक बार फिर वह इस क्निफ्फ़ से हाथ को काटने लगता है और उस क्निफ्फ़ की नोक को हाथ में घुसा देता है. जिससे उसका खून बहने लगता है. जिसकी वजह से वह कुछ भी नहीं कर सकता है. अब उसे यहापर 6 दिन हो जाते है. एरोन बहुत ही कमजोर हो जाता है और वह यहा से बहार नहीं निकला तो वह मर जायेंगा. वह उसी पहाड़ी के पत्थर पर RIP लिखता है और अपनी डेट ऑफ़ बर्थ लिखता है. क्योंकि उसे यह लगने लगता है की अब कभीभी वह यहासे बाहर नहीं निकला सकता है और उसकी यहि पर मौत हो जाएँगी. उसे अचानक एक बच्चा नजर आता है जो उसकी फ्यूचर सन होता है और वह उसके साथ खेल रहा होता है. यह सब देखकर उसे एक नयी पॉवर मिलती है और वह अपने आप को बहार निकालने की कोशिश करने लगता है.

127 Hours Movie Hindi Explanation

तभी वह अपने हाथ को अपोसिट साईट धकेलने लगता है जिससे उसके हाथ की हड्डी टूट जाती है. उस उसके उस क्निफ्फ़ से वह अपने हाथ को काटने लगता है. बहुत कोशिश करके वह अपने हाथ को अपने शरीर से अलग कर लेता है. इस तरह से एरोन अपने आपको इस पहाड़ से आजाद करने में कामयाब हो जाता है. वहासे निकालने से पहले वह अपने उस टूटे हुए हाथ की फोटो निकालता है. बहार निकलकर एरोन बारिश का जमा हुआ पाणी जी भरकर पिने लगता है. बहुत सी मुश्किलों का सामना करने के बाद वह उन पहाड़ियों से बहार निकालने में कामियाब होता है और उसे एक परिवार नजर आता है. यह परिवार यहापर घुमने के लिए आये होते है. एरोन उने आवाज देता है वह उसे देखते है और सिक्यूरिटी को बुलाते है. फिर एरोन को एक हेलिकॉप्टर से हॉस्पिटल लाया जाता है. यहापर कुछ दिनो के बाद एरोन बिलकुल ठीक हो जाता है.

कुछ साल के बाद वह शादी कर लेता है और उसे एक बेटा भी होता है. लेकिन उन 6 दिनो को एरोन कभी नहीं भूलता है और वह अपना यह पॅशन नहीं छोड़ता है और क्लाइम्बिंग करता रहता है. इसी के साथ इस फिल्म की कहानी ख़त्म हो जाती है. इस फिल्म की कहानी सत्य घटना पर आधारित है. इस फिल्म को 2010 में रिलीज़ किया गया था इस फिल्म का बजट $18,000,000 था और इस फिल्म ने $60,738,797 का बिसनेस किया था. इस फिल्म की रेटिंग IMBD पर 7.5 है. तो यह थी 127 Hours Movie Story in Hindi.

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